Bakrid Mubarak 2021 Wishes: शायरीच्या माध्यमातून ईद मुबारक म्हणा

 eid ul adha mubarak shayari: बलिदानाचा सण, बकरीद 21 जुलै रोजी साजरा केला जाणार आहे.. या निमित्ताने आपण शायरीच्या माध्यमातून बकरीदच्या शुभेच्छा देऊ शकतो. 

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शायरीच्या माध्यमातून ईद मुबारक म्हणा  |  फोटो सौजन्य: BCCL

थोडं पण कामाचं

  •  ईद-अल-फितर (गोड ईद) नंतर हैबकरीत हा मुस्लिमांचा दुसरा सर्वात महत्वाचा सण आहे,
  • ज्याला ईद-उल-अधा 2021 किंवा ईद कुरबान म्हणूनही ओळखले जाते.
  • यावर्षी हा सण 21 जुलै 2021 रोजी साजरा केला जाईल

eid ul adha mubarak shayari: नवी दिल्ली: ईद-उल-अजहा म्हणजेच बकरीद 21 जुलै रोजी देशभर साजरी केली जाईल. मिठी ईदच्या 70 दिवसानंतर बकरीद साजरी केली जाते. बकरीद लोकांना सत्याच्या मार्गावर प्रत्येक गोष्टीत बलिदान देण्याचा संदेश देते.

बकरीदला, लोक एकमेकांना अभिनंदन संदेश पाठवतात. आपण आपल्या मित्र, नातेवाईक आणि जवळच्यांना संदेश, शायरी पाठवून खास शुभेच्छा देऊ शकतात.

eid ul adha mubarak shayari

जो लोग गुजरते हैं मुसलसल रह-ए-दिल से
दिन ईद का उन को हो मुबारक तह-ए-दिल से
(ओबैद आजम आजमी)

महक उठी है फजा पैरहन की खुशबू से
चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है
(मोहम्मद असदुल्लाह)

ईद को भी वो नहीं मिलते हैं मुझ से न मिलें
इक बरस दिन की मुलाकात है ये भी न सही
(शोला अलीगढ़ी)

राहतों से लगे सदमे भी हैं
दिल को मजबूत बना कर रखिए
ईद का दिन है गले मिल लीजे
इख्तिलाफात हटा कर रखिए
(अब्दुल सलाम बंगलौरी)

ईद के बाद वो मिलने के लिए आए हैं
ईद का चांद नजर आने लगा ईद के बादॉ
अज्ञात

eid ul adha mubarak shayari

वादों ही पे हर रोज़ मिरी जान न टालो
है ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो
(मुसहफी गुलाम हमदानी)

शहर खाली है किसे ईद मुबारक कहिए
चल दिए छोड़ के मक्का भी मदीना वाले
(अख्तर उस्मान)

eid ul adha mubarak shayari 2021

ईद में ईद हुई ऐश का सामां देखा
देख कर चांद जो मुंह आप का ऐ जां देखा
(शाद अजीमाबादी)

आई ईद व दिल में नहीं कुछ हवा-ए-ईद
ऐ काश मेरे पास तू आता बजाए ईद
(शैख जहूरूद्दीन हातिम

ईद मुबारक शायरी इमेज

किसी की याद मनाने में ईद गुजरेगी
सो शहर-ए-दिल में बहुत दूर तक उदासी है
(इसहाक विरदग)

ईद तू आ के मेरे जी को जलावे अफ्सोस
जिस के आने की खुशी हो वो न आवे अफ्सोस
(मुसहफी गुलाम हमदानी)

बकरीद शायरी

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है
राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है
(आबरू शाह मुबारक)


उस मेहरबां नजर की इनायत का शुक्रिया
तोहफा दिया है ईद पे हम को जुदाई का
(अज्ञात)

ईद का दिन है गले आज तो मिल ले जालिम
रस्म-ए-दुनिया भी है मौका भी है दस्तूर भी है
(कमर बदायुनी)

बकरीद मुबारक शायरी 

है ईद का दिन आज तो लग जाओ गले से
जाते हो कहां जान मिरी आ के मुकाबिल
(मुसहफी गुलाम हमदानी)

कोई इतना चाहे तुम्हें तो बताना
कोई तुम्हारे इतने नाज उठाए तो बताना
बकरीद मुबारक तो हर कोई कह देगा तुमसे
कोई हमारी तरह कहे तो बताना

चुपके से चांद की चांदनी छू जाए आपको
धीरे से ये हवा कुछ कह जाए आपको
दिल से जो चाहते हो मांग लो खुदा से
हम दुआ करते हैं मिल जाए वो आपको

समंदर को उसका किनारा मुबारक
चांद को सितारा मुबारक
फूलों को उसकी खुश्‍बू मुबारक़
दिल को उसका दिलदार मुबारक़
आपको और आपके परिवार को
बकरीद का त्‍यौहार मुबारक!

चांद से रौशन हो त्यौहार तुम्हारा
खुशी से भर जाए आंगन तुम्हारा
हर शिकायत हो दूर तुम्हारी
बस यही है दुआ हमारी

जिंदगी का हर पल खुशियों से कम न हो
आपका हर दिन ईद के दिन से कम न हो
दुख की बारिश पड़े तो हमें भूल न जाना
दोस्तों की अहमियत कभी भी कम न होा

हर मंजिल आपके पास आ जाए
हर दुख दर्द आपसे दूर हो जाए
इस ईद पर यही दुआ है हमारी
आप पर खुशियों की बौछार हो जाए

मुबारक मौका है करो खुदा की इबादत
खुशियों से भरी ये जिंदगी रहे सलामत
अदा करें हर फर्ज खुदा की रहमत में
बिगड़ी बात बन जाए कुछ ही मोहलत में
Happy Eid al-Adha 2021

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